Sunday, 13 December 2015

मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने प्रदेश में किया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का शुभारम्भ

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Thursday, 3 December 2015

असहिष्णुता का मामला बनावटीः राजनाथ सिंह ‘ सहिष्णुता हमारी संस्कृति और परंपरा में है, हम किसी के दबाव में सहिष्णु नहीं ’

केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पिछले कुछ समय से देश में उठाया जा रहा असहिष्णुता का मामला बनावटी है । कुछ दिनों से यह बनावटी बात कही जा रही है कि देश में असहिष्णुता का माहौल है। उन्होंने असहिष्णुता की बात उठाने वालों पर कहा कि उनके द्वारा उठाया गया यह विषय आत्मघाती है। ऐसे बयानों से हमें बचना चाहिए।

गृह मंत्री मंगलवार 1.12.2015 को लोक सभा में असहिष्णुता पर हुई बहस पर वक्तव्य दे रहे थे। 

उन्होंने कहा कि असहिष्णुता का मामला अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत की छवि को खराब करने के लिए उठाया जा रहा है । उन्होंने इस बारे में प्रश्न करते हुए कहा कि क्या पूरे विश्व को संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि भारत का वातावरण रहने लायक नहीं है ? क्या हम यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत में निवेश करने के लिए दुनिया के अन्य देश यहां न आएं ? उन्होंने स्पष्ट किया कि देश परंपरा और संस्कृति के अनुसार सहिष्णु है। हम किसी के दबाव में सहिष्णु नहीं हैं। सहिष्णुता हमारी रगों में है , हमारी परंपरा में है , संस्कृति में है । यह देश सदियों से सहिष्णुता , सहयोग और अहिंसा के लिए जाना जाता रहा है और आज भी जाना जाता है। 

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि असहिष्णुता शब्द में अलगाव तथा कष्ट का भाव है । उन्होंने कहा कि समाज में अलगाव और कष्ट के भाव से समरसता और सुख का भाव नहीं लाया जा सकता । उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो कोई देश में सामाजिक और धार्मिक समरसता को बिगाड़ने का प्रयास करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सबसे अधिक असहिष्णुता का शिकार राजनीति में कोई हुआ है तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सर्वाधिक असहिष्णुता का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सबसे अधिक असहिष्णुता का शिकार होने वाली राजनीतिक पार्टी है । 

उन्होंने कहा कि अपने देश में असहिष्णुता की तीन बड़ी घटनाएं हुई हैं। पहली बार जब देश का विभाजन हुआ। दूसरी बार जब विरोध की आवाज को दबाने के लिए आपातकाल थोप दिया गया और तीसरी बार 1984 में जब देश भर में दंगे हुए। उन्होंने इन तीनों घटनाओं के लिए तत्कालीन सरकारों को दोषी ठहराया ।

उन्होंने कहा कि असहिष्णुता का माहौल बना कर सरकार को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि बेमतलब विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है । गृह मंत्री ने असहिष्णुता का मामला उठाने वालों से पूछा कि जब कश्मीर का अमर साहित्य जल रहा था तो असहिष्णुता की बात करने वाले कहां थे? , लाखों कश्मीरी पंडितों को उनके जन्म स्थान से भगाए जाने के समय ऐसे लोग कहां थे ?, जब 1984 में बेकसूर सिख सड़कों पर जलाए जा रहे थे तो असहिष्णुता का मामला उठाने वाले कहां थे ? उन्होंने दादरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की और राज्य सरकार से रिपोर्ट की मांग की । उत्तर प्रदेश सरकार के उत्तर में सांप्रदायिकता का जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार दादरी कांड की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश करती है तो केंद्र सरकार इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि गोविन्द पंसारे के मामले में सरकार चुप नहीं बैठी, गिरफ्तारी की गई। उन्होंने कहा कि यदि कर्नाटक सरकार कलबुर्गी मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराना चाहती है तो ऐसी जांच के लिए कहा जाएगा। 

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री क्यों नहीं बोलते। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या पहले की घटनाओं पर बराबर इस देश के प्रधानमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया दी है ? 

उन्होंने देश के साहित्यकारों , कलाकारों , शिक्षकों , व्यंग्यकारों , शिल्पकारों, चित्रकारों , तथा वैज्ञानिक से अपील की कि जब उन्हें लगता है कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है तो वे हमारे पास आकर मिल-बैठ बात करें। उन्होंने एवार्ड पुरस्कार लौटाने वालों से आग्रह किया कि वह इसे वापस ले लें। 

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- pib.nic.i

एजी – 5839

Saturday, 3 October 2015

लोकप्रिय कर्मचारी नेता श्री पूरण चंद झरीवाल के उप सचिव पद से सेवानिवृत होने पर विदाई पार्टी

राजस्थान शासन सचिवालय में सचिवालय सेवा अधिकारी के लगातार 5 बार अध्यक्ष रहे लोकप्रिय कर्मचारी नेता श्री पूरण चंद झरीवाल के उप सचिव पद से सेवानिवृत होने पर दिनांक 30 सितम्बर को उन्हें विदाई पार्टी दी गई। सचिवालय में सम्पन्न हुई इस विदाई पार्टी में हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सेवानिवृति सम्मान समारोह एवं कुछ अरसे हुए पूर्व हुए सचिवालय कर्मचारी संघ के चुनावों में अध्यक्ष पद पर श्री शिवजी राम जाट के निर्वाचित होने पर विभिन्न कार्यकमों की निम्न झलकियाँ रहीं -







सचिवालय रिपोर्टर की वेबसाइट www.sachivalyareporter.com का विमोचन

जयपुर। राजस्थान के शासन सचिवालय में बड़ी संख्या में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच  सचिवालय रिपोर्टर की वेबसाइट www.sachivalyareporter.com का उदघाटन वन, पर्यावरण एवं खनिज राज्य मंत्री श्री राजकुमार रिणवां ने किया।  तालियों की भारी गड़गड़ाहट के बीच मंत्री जी ने इसके बाद महावीर सोनी के ऐसे कार्यों से अभिभूत होकर उनका माला पहना गले लगाकर सम्मान भी किया। इस समय राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य  सचिव (अल्प संख्यक मामलात) श्री विपिन चंद्र शर्मा, सचिवालय के डिप्टी रजिस्ट्रार (अध्यक्ष - सचिवालय सेवा अधिकारी संघ) पूर्व अध्यक्ष श्री पी.सी. झरीवाल आदि द्वारा वेबसाइट की महत्ता दर्शाने लिए हुए भव्य पोस्टर का लोकार्पण भी किया गया। सोनी ने इस अवसर पर वेबसाइट के बारें में जानकारी देते हुए बताया कि सचिवालय रिपोर्टर से यह न समझा जावे कि इसमें केवल सचिवालय, मुख्यमंत्री सचिवालय, प्रधानमन्त्री सचिवालय या लोकसभा विधानसभा सचिवालय आदि के यहाँ से जारी प्रेस नोट, समाचार आदि ही इसमें शामिल होंगे, ऐसा नहीं है अपितु इसमें देश भर के विभागों के प्रेस नोट, जनहित कारी कार्यक्रम, उनके कर्मचारी संगठनों के कल्याणकारी  कार्यक्रमों आदि को प्रमुखता से समाविष्ट करने का प्रयास किया जावेगा। स्पष्ट है कि लोकसेवकों के मुखपत्र के रूप में लोकप्रिय सचिवालय रिपोर्टर तथा इसकी यह वेबसाइट केवल लोकसेवकों के मुखपत्र के रूप में ही नहीं अपितु आमजन में उनके हित में पूर्व में किए जाते रहे  विभिन्न प्रकाशनो - कार्यों की श्रृंखला में एक और बड़ा कदम है, क्योंकि सरकार के आमजन के हित में किए जा रहे प्रयासों, कार्यक्रमों आदि की जानकारी का भी इसमें समावेश रहेगा। कर्मचारी संगठनो के इस प्रकार से सहयोगी होकर जुड़े रहने से आमजन के बीच सरकारी जनहित कारी योजनाएं/जानकारियां सहज एवं सरल रूप में पहुँचने का मार्ग चूँकि इससे प्रशस्त हो रहा है, इससे आमजन में इसकी लोकप्रियता स्वाभाविक है। लोकसेवकों के बीच  मुखपत्र के रूप में लोकप्रिय रही सचिवालय रिपोर्टर और इसकी यह वेबसाइट राष्ट्रीय स्तर पर अधिकारी कर्मचारियों के विभागों के कर्मचारी संगठनों के हित में भी उनसे इस प्रकार से जुड़ने में शीघ्र प्रयासरत होगी।